Bhajan

  • अनसुनी पुकार

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    क्यों तुम मुझसे रूठे रामबाधायें जीवन में अविराम,किस विधि स्तुति करूँ तुम्हारीजीवन मेरा भी बने अभिराम। शबरी को अपनाया तुमनेबाली को भी तारा है,मारुति के संग रण मेंतुमने रावण को…

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  • मेरे राम

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    अतल अथाह कष्ट जीवन के होते स्वयं से नित नूतन संग्राम, खोलो द्वार अब तो आशा के कुछ कष्ट हरो अब मेरे राम। प्रेम के सब सूखे हैं झरने सूखा…

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  • प्रभु चलती मेरी श्वास है

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    तेरी आस है तेरी प्यास हैमेरे राम तुझ पे विश्वास हैजब तक है तू मेरी याद मेंप्रभु चलती मेरी श्वास है। मेरे हृदय में हर अंग मेंजीवन की हर तरंग…

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