Bhajan
-
अनसुनी पुकार
· कविताएँक्यों तुम मुझसे रूठे रामबाधायें जीवन में अविराम,किस विधि स्तुति करूँ तुम्हारीजीवन मेरा भी बने अभिराम। शबरी को अपनाया तुमनेबाली को भी तारा है,मारुति के संग रण मेंतुमने रावण को…
-
प्रभु चलती मेरी श्वास है
· कविताएँतेरी आस है तेरी प्यास हैमेरे राम तुझ पे विश्वास हैजब तक है तू मेरी याद मेंप्रभु चलती मेरी श्वास है। मेरे हृदय में हर अंग मेंजीवन की हर तरंग…