दिखने में तो छोटे हैं
पर दिल के बहुत बड़े हैं जी
छोटे छोटे क़दमों से
बड़ी साख बनाते जूनियर जी
पहले साल ही इन्होने
अपना सही रंग दिखलाया था
“हिस्ट्रीशीटर” का इल्ज़ाम लगा तो
इन्होने सबको गलत ठहराया था
आज बड़े बड़ों की वाट लगाते है ये जी
हम सब जनता के आदर्श जूनियर जी
अपनी फैकल्टी सुधारने को जब ठाना था
निष्काम कर्म को अपना हथियार माना था
अपनी सोच ख़त्म होती जहाँ पर
वहाँ इनकी शुरू हो जाती है
क़ानून की खान में तपता हीरा हैं ये जी
सदा चमकता कोहिनूर अपना इदोल जूनियर जी
जिस जगह पर कभी वीरानी छाती थी
जहाँ आने से स्वयं सरस्वती घबराती थीं
हम लाचार से नोट्स में डूबे रहते थे
वहाँ ताजा हवा का झोंका बन छाये ये
RRA मूट कोर्ट रुपी पारस पत्थर ले आये ये
नतमस्तक हम सब चरणों में आपके जूनियर जी
“कंट्रोवर्सी” की बातों से हंसाया है
जीवन के रहस्य सरल कर समझाया है
नम्रता का असली मतलब बतलाया है
बातों से अपनी हमको अपना बनाया है
लक्ष्य की तरफ नित गतिमान है ये जी
नित्य भरे नई उड़ान अपने प्यारे जूनियर जी …
जूनियर जी!!
जूनियर जी!! जूनियर जी!!

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